अत्याचार को याद करे या हम सह मार्ग अपनाये
अत्याचार की व्याख्या दोहराना चाहते है आप. यह दिखाकर की कैसे जुल्म हुये है. जुल्म आप पर नही आपके पूर्वजनो पर. जीन्हे आप सराहना चाहते उनकी नस्ल कितनी गलत है.
खुन खौलता है मेरा. ललकार रहें है आप मुझे. बदला लेने की भावना की नींव डाल रहे आप मुझमे. आप ने भेजे चित्र की ओर देखो. कितना गहरा है, भाव भेजे हुये चित्र मे. सत्यता से आप मुझे अछुत करना चाहते. चित्र बनाने वाले की तालीम. चित्र मे भरे हुए रंग उस जमाने मे उस की संज्ञा तक कहा थी. और वह आपके बिचार गलत है मै तनिक भी नही कहलाता. पर आप मेरी दूषित की और तनिक ज्ञान दीजिये.
वेदों का ज्ञान ब्राह्मण के पास था यह आप ने मुझे समझाया. फिर हमें वेदों लिखा क्या है किसने बताया और वह उसके समझ मे किसने लाया. है जवाब आपके पास ईस का.

जी. हिन्दू -मुस्लिम तो हम बटवारे के बाद हुये. पहले तो हम साथ ही मे थे. ज्ञात हो की हमारे मेजर आ और पाकिस्तानी जनरल सिर्फ चौधरी ही नही थे तो वे चाचा-भतीजा थे. पर वे युद्ध मे एक दूसरें के विरुद्ध मे अपने अपने वतनके लिए आमने सामने आए. वह एक ब्रिटिश तो हम सब पे राज करते ही थे. उसे तो हिटलर ने मानव धर्म सीखाया. जबकी आज हिटलर नाम नहीं. हिटलर का अर्थ हम जानते है. हिटलर नहीं होता हम और आप स्वंतत्र नहीं होते.
हिटलर ने ही ब्रिटिश की छावनी नक्शे से गायब कर दी. ब्रिटिश के पास अपनी फौज को राशन पानी पुराने अमेरिका से मदत लेनी पडी थी.
अमेरिका सारे युद्ध तो दुसरे के धरती पर लढा़ लेकिन ब्रिटिश की मदत उन्होने सबसे पहले ब्रिटिश सामराज्य हटा ने कहाँ.
बिचारी ब्रिटिश सरकार जो अपनी ही फौज को खिलाने कही की नहीं रही थी. और सारे पृथ्वी पर राज करती थी. अमेरिका से मदत लेने लाचार हो गयी थी. लेकिन उसके पहले सारे अपनी काॅलेनी को अमेरिका के कहने पर खाली करना पड़ा.
यह है विश्व की कहानी. कुछ करने कुछ नाजायज कार्य करना पड़ता है. शेर दूसरे के विरूद्ध अपनी ताकत दिखाने एकजुट हो जाते है. क्या मनुष्य प्राणी ने यह नहीं किया होगा.
कुछ तो विरोध होना ही है. सत्ता जाने का डर हर एक समुदाय में है. इसलिए यह विरोध है.

